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Wednesday, April 21, 2021

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Night Curfew Imposed In Lucknow After Rapid Increase Of Corona Cases Ann


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 500 से ज़्यादा कोरोना केसेस वाले 13 ज़िलों में ज़िलाधिकारी को अधिकार दिए गए हैं कि वो चाहें तो रात में सड़कों पर आवाजाही बन्द कर सकते हैं. इसके बाद लखनऊ में नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला लिया गया है. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते प्रशासन ने ये कदम उठाया है. आज से लखनऊ में नाइट कर्फ़्यू लागू कर दिया जाएगा. ये रात नौ से सुबह 6 बजे तक रहेगा और आवाजाही प्रतिबंधित होगी.

जिला मजिस्ट्रेट ने लखनऊ में तत्काल प्रभाव से दिनांक 15 अप्रैल 2021 तक चिकित्सा, नर्सिंग एवम् पैरा मेडिकल संस्थानों को छोड़ कर समस्त सरकारी, गैर सरकारी शैक्षणिक संस्थान और कोचिंग संस्थान बंद करने के आदेश दिए हैं. हालांकि इस दौरान शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाएं / प्रैक्टिकल कोविड 19 प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन करते हुए आयोजित किए जा सकेंगे.

गाइडलाइन के मुताबिक, लखनऊ में पार्क सुबह 7 बजे से 10 बजे और शाम 4 से 8 बजे के मध्य ही खुलेंगे. पार्क में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखना आवश्यक होगा.

सीएम योगी ने दिये निर्देश

कोविड-19 से अति प्रभावित 13 जनपदों की स्थिति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिशा-निर्देश जारी किये हैं.

महाराष्ट्र के साथ-साथ दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण की स्थिति तेजी से खराब हो रही है. ऐसी स्थिति में वहां रहने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों की वापसी संभावित है. पंचायत चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है. आने वाले दिन हमारे लिए चुनौतीपूर्ण होंगे. हमें इसका सफलतापूर्वक सामना करना है. पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के सभी जिलों ने कोविड प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया था, इस बार भी हम टीम वर्क से इस लड़ाई को जरूर जीतेंगे.

सीएम ने कहा कि, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, गोरखपुर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, झांसी, बरेली, गाजियाबाद, आगरा, सहारनपुर और मुरादाबाद जिले में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. यहां केस की संख्या अधिक है. हालांकि पॉजिटिविटी दर में गिरावट हुई है. कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग बढ़ाई जाए. ट्रेस करके उनका टेस्ट किया जाए और जरूरत के अनुसार ट्रीटमेंट दिया जाए. निगरानी समितियों और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की उपयोगिता बढ़ाई जाए. पब्लिक एड्रेस सिस्टम का अधिकाधिक प्रयोग किया जाए. मास्क न लगाने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए. इन सभी जनपदों में निगरानी के लिए तत्काल विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों की तैनाती की जाए.

जिन जिलों में प्रतिदिन 100 से अधिक केस मिल रहे हैं, अथवा जहां कुल एक्टिव केस की संख्या 500 से अधिक है, वहां माध्यमिक विद्यालयों में अवकाश के संबंध में जिलाधिकारी स्थानीय स्थिति के अनुरूप निर्णय लें. ऐसे जिलों में रात्रि में आवागमन नियंत्रित रखने के संबंध में भी समुचित निर्णय लिया जाए, लेकिन किसी भी परिस्थिति में आवश्यक सामग्री जैसे दवा, खाद्यान्न आदि के आवागमन को बाधित न किया जाए.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री अधिकारियों के साथ जनपदों का दौरा करें. स्थिति को देखें और व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दें. उन्होंने कहा कि, मैं स्वयं भी अगले कुछ दिनों में प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जिलों का औचक निरीक्षण करूँगा.

सभी जनपदों में पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, इंफ्रारेड थरमामीटर, सैनिटाइजर, एंटीजन किट सहित सभी आवश्यक लॉजिस्टिक की पर्याप्त व्यवस्था की जाए. किसी भी जनपद से लॉजिस्टिक के अभाव की शिकायत नहीं आनी चाहिए. जरूरत हो तो तत्काल शासन को अवगत कराएं, पूरी मदद मिलेगी.

– आपदाकाल में हमें एकजुट होकर काम करना होगा. सभी सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थानों के एम्बुलेंसों को कोविड मरीजों के उपयोग में लाया जाए. इन एम्बुलेंसों को इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जोड़ा जाए।मरीजों को तत्काल रिस्पॉन्स मिलना चाहिए.

– जिन जिलों में जिलाधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी स्तर के अधिकारी संक्रमित हैं, वहां संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष की भूमिका बढ़ाई जाए. सीएमओ की अनुपस्थिति हो तो एडी हेल्थ स्तर के अधिकारी सेवाएं दें.

– नगर विकास विभाग द्वारा नगरों में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित किया जाए. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सैनिटाइजेशन, स्वच्छता आदि का विशेष महत्व है.

कुल कोविड टेस्ट में कम से कम 50 प्रतिशत टेस्ट प्रतिदिन आरटीपीसीआर विधि से किए जाएं. रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट तथा बस अड्डे पर रैपिड एन्टीजन टेस्ट की व्यवस्था को और प्रभावी किया जाए. अगले कुछ दिनों में महाराष्ट्र आदि प्रदेशों से विशेष ट्रेन भी संचालित होगी. ऐसे में गोरखपुर, गोंडा, बस्ती व आसपास के क्षेत्रों में खास सतर्कता बरते जाने की जरूरत है.

कोविड मरीजों के लिए बेड की कोई कमी नहीं है. वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है कि कोविड अस्पतालों में और अधिक संख्या में बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. जनपदवार स्थिति की समीक्षा करते हुए बेड को संख्या में बढ़ोतरी की जाए. कोविड व नॉन कोविड के लिए इलाज की अलग-अलग और समुचित व्यवस्था की जाए.

– जिलाधिकारीगण पंचायत चुनाव की व्यवस्था को सुचारु रखते हुए जनपद के सभी विभागों के कार्मिकों को कोविड प्रबंधन के कार्य से जोड़ें. अतिरिक्त मानव संसाधन के लिए भी स्वीकृति दी गई है. तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।सिविल डिफेंस की सेवाएं ले सकते हैं.

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